Wednesday, June 3, 2020

पीएम किसान स्कीम में नहीं मिले लाखों किसानों को 2000 रुपये, इस काम से बन जाएगी बात

इस वजह से पीएम किसान स्कीम में नहीं मिले लाखों किसानों को 2000 रुपये, इस काम से बन जाएगी बात

इस वजह से पीएम किसान स्कीम में नहीं मिले लाखों किसानों को 2000 रुपये, इस काम से बन जाएगी बात
योजना शुरू होने के बाद अबतक किसानों को 2,000 रुपये की 5 किस्त भेजी जा चुकी है.

अगर आपके खाते में पीएम किसान की रकम नहीं आई है तो परेशान होने की जरूरत नहीं है. आइए जानते हैं पीएम किसान स्कीम से जुड़ने के बावजूद क्यों नहीं आ रहे खाते में पैसे?


 प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (Pradham Mantri Garib Kalyan Yojana- PMGKY) के तहत 6 मई तक 8.19 करोड़ पीएम किसान लाभार्थियों को 2,000 रुपये की किस्त मिल गई है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज (Economic Package) से जुड़ी पांचवें और अंतिम चरण यह जानकारी दी. योजना शुरू होने के बाद अबतक किसानों को 2,000 रुपये की 5 किस्त भेजी जा चुकी है. जल्द ही इसकी छठीं किस्त भी आने वाली है. अगर आपके खाते में पीएम किसान की रकम नहीं आई है तो परेशान होने की जरूरत नहीं है. आइए जानते हैं पीएम किसान स्कीम से जुड़ने के बावजूद क्यों नहीं आ रहे खाते में पैसे?

बता दें कि मोदी सरकार ने फरवरी 2019 में पीएम किसान सम्मान निधि योजनका की शुरुआत की थी. किसान जरुरत पड़ने पर बिना किसी लोन के अपनी खेती-बाड़ी संभाल सकें, इस उद्देश्य के साथ इस योजना की शुरुआत की गई थी. इसके तहत सरकार 6,000 रुपये सालाना की रकम 2,000 रुपये के तीन किस्तों में हर 4 महीने पर किसानों को दी जाती है.

PM-Kisan के तहत अगर नहीं मिली 2000 रु की किस्त, तो क्या वापस आएगी पूरी रकम?

PM-Kisan के तहत अगर नहीं मिली 2000 रु की किस्त, तो क्या वापस आएगी पूरी रकम? जानिए इस योजना से जुड़े सभी सवालों के जवाब

big news for 49100000 farmers amid lockdown 2000 rupees credited ...
PM-Kisan के तहत अगर नहीं मिली 2000 रु की किस्त, तो क्या वापस आएगी पूरी रकम?

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Samman Nidhi Yojana) के तहत 9.67 करोड़ किसानों को लाभ मिला रहा है. लेकिन ऐसे बहुत से किसान हैं, जिनका रजिस्ट्रेशन होने के बाद भी उन्हें किस्त नहीं मिली है. किस्त नहीं मिलने की कई वजह हो सकती हैं. आइये आपको बताते हैं इस योजना से जुड़े सभी सवालों के जवाब..


 प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Samman Nidhi Yojana) के तहत 9.67 करोड़ किसानों को लाभ मिला रहा है. ये योजना कोरोनाकाल में किसानों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण साबित हुई है. इसके तहत किसानों को 24 मार्च से अब तक 19,350 रुपये बांटे गए. लेकिन ऐसे बहुत से किसान हैं, जिनका रजिस्ट्रेशन होने के बाद भी उन्हें किस्त नहीं मिली है. किश्त नहीं मिलने की कई वजह हो सकती हैं. रजिस्ट्रेशन में दी गई जानकारी में कुछ छोटी मोटी गलतियां होने से ऐसा हो सकता है. अगर किसानों की किस्त कटी है तो क्या वो वापस मिलेगी. आइये आपको बताते हैं इस योजना से जुड़े सभी सवालों के जवाब..

सवाल: अब सवाल यह उठता है कि अगर किसी किसान को मौजूदा किस्त नहीं मिली है तो क्या गलतियां सुधारने के बाद उसे काटी गयी किस्त की भरपाई हो सकेगी. अगली किस्त के साथ ये किस्त भी उसके खाते में आएगी या नहीं.
जवाब: हां, होगी भरपाई. इसका जवाब खुद सरकार ने पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट पर दी है. जिसे इस लिंक पर देखा जा सकता है.
(https://pmkisan.gov.in/Documents/RevisedFAQ.pdf)



इसमें साफ है कि अगर किसी बेनेफिशियरी का नाम स्टेट/UT गवर्नमेंट द्वारा पीएम किसान के पोर्टल पर अपलोड किया गया है. लेकिन किसी वजह से उसे इन 4 महीनों की किस्त नहीं मिलती है तो उस कारण के समाधान के बाद उसे यह ड्यू उसके खाते में भेजा जाएगा.

pm kisan 3 lakh loan scheme || प्रधान मंत्री किसान 3 लाख लोन योजना

मोदी सरकार की बड़ी पहल, 1.7 करोड़ किसानों को बिना गारंटी मिलेगा 3 लाख रुपये का लोन

इस स्कीम के तहत इन किसानों को बिना गारंटी 3 लाख रुपये का लोन देगी मोदी सरकार

देश के 1.7 करोड़ किसानों को मिलेगा सरकार की इस दरियादिली का लाभ, अन्य लोगों के लिए पुरानी व्यवस्था कायम रहेगी. नरेंद्र मोदी सरकार ने देश के कुछ किसानों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड पर (Kisan Credit Card) बिना गारंटी लोन देने की सीमा बढ़ाकर 3 लाख रुपये कर दिया है.


नरेंद्र मोदी सरकार ने देश के कुछ किसानों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड पर (Kisan Credit Card) बिना गारंटी लोन देने की सीमा बढ़ाकर 3 लाख रुपये कर दिया है. जबकि यह पहले 1.60 लाख रुपए ही था. इससे लोन लेना आसान हो जाएगा. लेकिन यह सुविधा सबको नहीं मिलेगी. जिन किसानों का दूध सीधे तौर पर मिल्क यूनियनों द्वारा खरीदा जाता है, उन्हीं को यह लाभ मिलेगा. इससे दुग्ध संघों से जुड़े डेयरी किसानों (Dairy farmers) के लिए सस्ते दर पर पैसे की उपलब्धता होगी और बैंकों को कर्ज चुकता होने का आश्वासन भी मिलेगा.

देश में 1.7 करोड़ किसान ऐसे हैं जो 230 मिल्क यूनियनों के साथ जुड़े हैं. अगर ये लोग अपना कारोबार लेने के लिए पैसा चाहते हैं तो उन्हें बिना कोलैटरल के पैसा मिलेगा. क्योंकि इनकी गारंटी मिल्क यूनियनों (Milk Unions) के पास होती है. वहां से सरकार अपना पैसा ले सकती है. अन्य किसानों के लिए यह व्यवस्था 1.60 लाख तक ही सीमित रहेगी.

केसीसी कवरेज बढ़ाना चाहती है सरकार
देश में अभी मुश्किल से 7 करोड़ किसानों के पास ही किसान क्रेडिट कार्ड है, जबकि किसान परिवार 14.5 करोड़ हैं. सरकार इसे बढ़ाना चाहती है ऐसे में अब डेयरी सेक्टर से जुड़े लोगों पर दांव चला गया है. सरकार बिना गारंटी लोन इसलिए दे रही है ताकि वे साहूकारों के चंगुल में न फंसे.



15 दिन के अंदर कार्ड जारी करने का आदेश


केंद्र सरकार ने बैंकों से कहा है कि लोन के लिए आवेदन जमा करने के 15 दिन के अंदर केसीसी जारी करें. केसीसी पर बैंकों (Banks) के सभी प्रोसेसिंग चार्ज खत्म कर दिए गए हैं. बैंकिंग सिस्टम किसानों को कर्ज देने से कतराता रहा है.

Ramnagar, cattle spinach, Tumadia khatta, milk, रामनगर, मवेशी पालक, तुमड़िया खत्ता , दूध
डेयरी किसानों को आसान होगा लोन लेना


असली फायदा दाम बढ़ने से मिलेगा
किसान शक्ति संघ के अध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह ने डेयरी किसानों को बिना गारंटी 3 लाख रुपये तक का सस्ता लोन देने के फैसले का स्वागत किया है. इससे किसान ज्यादा पशु खरीद पाएगा. उन्होंने कहा, लेकिन इसका सही फायदा तब मिलेगा जब किसान के दूध का सही रेट मिलेगा. इसका रिजर्व प्राइस तय किया जाए.

गाय के दूध का 3.5 फीसदी फैट पर 35 रुपये लीटर और भैंस के दूध का 6.5 फैट पर 45 रुपये लीटर से कम दाम न हो. किसानों की अपनी सहकारी संस्था अमूल के अलावा बाकी डेयरी इस वक्त भारी शोषण कर रही हैं. तमाम डेयरियों को निर्देशित किया जाए कि वो इसी रेट पर दूध खरीदें.

Monday, June 1, 2020

fasal ki nayi msp rate

मोदी कैबिनेट ने किसानों को दिया बड़ा तोहफा! अब इस दाम पर होगी धान की सरकारी खरीद, बढ़ाया 14 फसलों का MSP


खेती पर कविता | Kheti par Kavita | Poem on farming in Hindi  

कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (Commission for Agricultural Costs and Prices) की सिफारिशों को मानते हुए मोदी सरकार ने खरीफ की 14 फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में वृद्धि कर दी है.


नई दिल्ली. कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (Commission for Agricultural Costs and Prices) की सिफारिशों को मानते हुए मोदी सरकार ने खरीफ की 14 फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में वृद्धि कर दी है. इस बात की जानकारी केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने दी है. वो मंत्रिमंडल के फैसले की जानकारी दे रहे थे. अब सरकार धान 1868 रुपये प्रति क्विंटल की दर पर खरीदेगी.

उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी फसल लागत पर 50 फीसदी लाभ मिलना चाहिए. मोदी सरकार इसी नीति पर काम कर रही है. कई फसलों से इससे अधिक लाभ भी दिया है. सरकार ने 2018-19 में ही स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को स्वीकार कर लिया था.

अब कितना दाम मिलेगा
कृषि मंत्री ने बताया कि धान का एमएसपी 1868, ज्वार हाइब्रिड का 2620, और बाजारा का 2150 रुपये क्विंटल होगा. सरकार ने रागी, मूंग, मूंगफली, सूरजमुखी,  सोयाबीन, तिल, रामतिल और कपास में लागत का 50 फीसदी लाभ देने का फैसला किया है. मक्का में 53, तूर अरहर में 58, उड़द में 64 फीसदी की वृद्धि की गई है. कृषक की जो लागत आ रही है उससे कम से कम 50 फीसदी लाभ हम लोग दे रहे हैं.
news18

पैदावार और रिकॉर्ड खरीद

लॉकडाउन के बावजूद सरकार ने तत्परता दिखाते हुए सभी फसलों की खरीद का पिछला रिकॉर्ड तोड़ दिया है.

-तोमर ने बताया कि इस बार सरकार ने गेहूं की रिकॉर्ड खरीद की है. करीब 360 लाख मिट्रिक टन गेहूं अब तक खरीदा जा चुका है. जबकि पिछली बार यह 342 लाख मिट्रिक टन ही थी.

-धान की खरीद इस बार अब तक लगभग 95 लाख मिट्रिक टन हो चुकी है. पिछली बार इसकी 90 लाख मिट्रिक टन खरीद हुई थी.

-दलहन और तिलहन की खरीद चल रही है. इस बार अब तक 16.07 लाख मिट्रिक टन की खरीद हो चुकी है जो पिछली बार सिर्फ 15 लाख मिट्रिक टन थी.

पीएम किसान स्कीम में नहीं मिले लाखों किसानों को 2000 रुपये, इस काम से बन जाएगी बात

इस वजह से पीएम किसान स्कीम में नहीं मिले लाखों किसानों को 2000 रुपये, इस काम से बन जाएगी बात ...